पब्लिक सेक्टर में नौकरी के शानदार मौके देगा अर्थसाइंस,ज्योग्राफी से पाएं प्राइवेट सेक्टर में नए अवसर

ज्योग्राफी और अर्थसाइंस, दोनों ही साइंस के विषय हैं, जिनमें धरती से जुड़े विभिन्न पहलुओं का अध्ययन किया जाता है। हालांकि इन दोनों ही विषयों में काफी अंतर है, जिनको लेकर अक्सर स्टूडेंट्स के बीच एक कन्फ्यूजन रहता है। इस असमंजस को दूर करने व अर्थसाइंस एवं ज्योग्राफी के सिलेबस से लेकर कॅरिअर के अवसरों के अंतर के बारे में बता रहे हैं लखनऊ यूनिवर्सिटी के असिस्टेंट प्रोफेसर राजेश सिंह।


11 अप्रैल को होगा एंट्रेंस एग्जाम 
विभिन्न ग्रेजुएशन कोर्सेस में एडमिशन के लिए 11 अप्रैल को प्रेसिडेंसी यूनिवर्सिटी कोलकाता एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन कर रहा है। इसमें ज्योग्राफी उन विषयों में से एक है, जिनका मिनिमम एग्रीगेट स्कोर सबसे ज्यादा है। पिछले साल दिल्ली यूनिवर्सिटी में पीजी कोर्सेस के एंट्रेंस एग्जाम में लोकप्रियता के लिहाज से ज्योग्राफी विषय टॉप 15 में शामिल था। वहीं यूजी कोर्सेस में यह टॉप 10 में शामिल रहा। वहीं अर्थसाइंस की बात करें तो विभिन्न आईआईटीज सहित देश के कई प्रतिष्ठित संस्थानों में यह पॉपुलर कोर्सेस में शामिल है।


दोनों विषय को लेकर स्टूडेंट्स में कंफ्यूजन
जेईई एडवांस में बेहतर स्कोर लाने वाले कैंडिडेट्स को आईआईटी में संचालित होने वाले विभिन्न कोर्सेस में से किसी एक को चुनने का विकल्प होगा, जिसमें अर्थसाइंस भी शामिल है। एडमिशन लेते समय अक्सर स्टूडेंट्स में ज्योग्राफी और अर्थसाइंस को लेकर यह कंफ्यूजन बना रहता है कि दोनों विषय एक हैं या फिर अलग। अधिकतर स्टूडेंट्स एडमिशन लेने से पहले इन दोनों के बीच के अंतर को स्पष्ट रूप से समझ नहीं पाते, नतीजतन बाद में उन्हें पता चलता है कि उन्होंने अपनी रुचि से अलग विषय चुन लिया है।


एक ही विषय है जियोलॉजी और अर्थसाइंस 
अर्थसाइंस और जियोलॉजी को लेकर भी अक्सर स्टूडेंट्स कन्फ्यूज रहते हैं कि यह कोर्सेज एक ही हैं या अलग। यह दोनों ही कोर्स एक हैं, सिर्फ इनके नाम अलग-अलग हैं। आईआईटी कानपुर के अलावा भारत के सभी प्रमुख इंस्टीट्यू्ट्स अर्थसाइंस विषय की पढ़ाई के बाद जियोलॉजी के नाम से ही डिग्री देते हैं। 


अर्थसाइंस और ज्योग्राफी का सिलेबस? 
अर्थसाइंस में धरती की उत्पत्ति से लेकर उसके विकास के हर पहलू को आप समझते हैं। इसलिए इसके सिलेबस में मिनरलॉजी एंड क्रिस्टलोग्राफी, थर्मोडायनमिक्स, फील्ड जियोलॉजी, स्ट्रक्चरल जियोलॉजी, ओरिजिन ऑफ अर्थ जैसे विषय होंगे। वहीं ज्योग्राफी में आप भौगोलिक सीमाओं को समझने के तरीकों और तकनीकों के बारे में पढ़ते हैं। इसके सिलेबस में फंडामेंटल ऑफ रिमोट सेंसिंग, डिजास्टर मैनेजमेंट, ज्योग्राफी ऑफ इंडिया, पॉपुलेशन एंड डेवलपमेंट जैसे विषय शामिल रहेंगे।


क्या है ज्योग्राफी, अर्थसाइंस?
ज्योग्राफी जहां धरती की भौगोलिक सीमाओं को समझने और उन्हे नक्शे में उतारने का अध्ययन है। वहीं अर्थसाइंस पृथ्वी के कई अनसुलझे रहस्यों को सुलझाने और समझने का एक जरिया है। धरती की सतह पर जो भी मौजूद है, वह ज्योग्राफी में पढ़ा जाता है। वहीं अर्थसाइंस में धरती को एक सिस्टम के रूप में पढ़ा जाता है। ज्योग्राफी में आप धरती की भौगोलिक सीमाओं और इस पर आने वाली प्राकृतिक आपदाओं एवं समस्याओं का अध्ययन करते हैं। वहीं अर्थसाइंस बताती है कि धरती पर मौजूद तमाम प्राकृतिक संसाधन कैसे बने हैं और एक दूसरे को किस तरह प्रभावित कर रहे हैं।



ज्योग्राफी की पढ़ाई के बाद नौकरी के अवसर 



  • टाउन प्लानर

  • क्लाइमेट चेंज एनालिस्ट

  • सर्वेयर

  • पॉल्युशन एनालिस्ट 

  • रिमोट सेन्सिंग एनालिस्ट 


इसके अलावा विभिन्न राज्य सरकार ज्योग्राफर के पदों पर भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित कराती है। जिनमें ज्योग्राफी से ग्रेजुएशन करने के बाद कैंडिडेट्स आवेदन कर सकते हैं। ज्योग्राफर्स के लिए समय- समय पर एसएससी भी भर्ती परीक्षा आयोजित कराता है। रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, जीपीएस के लगातार बढ़ते उपयोग से प्राइवेट सेक्टर में भी ज्योग्राफी ग्रेजुएट्स के लिए जॉब की संभावनाएं बढ़ी हैं। 


अर्थसाइंस की पढ़ाई के बाद नौकरी के अवसर



  • डेटा साइंटिस्ट

  • प्रोजेक्ट असिस्टेंट

  • जियोफिजिसिस्ट

  • एन्वायरनमेंटल कंसलटेंट 

  • एनर्जी कंसलटेंट 


साथ ही यूपीएससी जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया में ग्रेड ए ऑफिसर के पद के लिए हर साल भर्ती परीक्षा आयोजित कराता है। इसके लिए अर्थसाइंस या जियोलॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद आवेदन किया जा सकता है। सरकारी नौकरी के विकल्पों के लिहाज से देखें, तो अर्थसाइंस की पढ़ाई करने वाले स्टूडेंट्स के पास ज्यादा अवसर होते हैं। जबकि ज्योग्राफर के लिए सरकार में ग्रेड ए का कोई पद नहीं होता है। 


टॉप इंस्टीट्यूट्स में यूजी पीजी के उपलब्ध कोर्स

























ज्योग्राफीअर्थसाइंस
बीए इन ज्योग्राफीबीएस-एमएस इन अर्थसाइंस
बीएससी इन ज्योग्राफीबीएससी इन जियोलॉजी
एमए इन ज्योग्राफीएमएससी इन जियोलॉजी
एमएससी इन ज्योग्राफीएमटेक इन जियोलॉजिकल टेक्नोलॉजी


टॉप इंस्टीट्यूट्स जहां से कर सकते हैं पढ़ाई 





















ज्योग्राफीअर्थसाइंस
प्रेसिडेंसी कॉलेज, चेन्नईआईआईटी कानपुर
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटीआईआईटी बॉम्बे 
लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटीलखनऊ यूनिवर्सिटी